तेरा दुःख नही देखा मैने कभी,ना ही किया है दर्द मेहसुस,
पर इस सच से जरूर वाकिफ हुं के मेरा हर नीवाला,
तूने उगाई फसल की देन है, इस रिष्ते से, ए किसान,
मै तेरा कर्जदार हुं|
पर इस सच से जरूर वाकिफ हुं के मेरा हर नीवाला,
तूने उगाई फसल की देन है, इस रिष्ते से, ए किसान,
मै तेरा कर्जदार हुं|
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