बुधवार, २४ जून, २०२०

गुरुवार, १८ जून, २०२०

ये धरती ये अंबर,ये सूरज ,चांद,सितारे,
ये पेड ये खेत, धरती के सभी प्राणीमात्र,
कुदरत का हर आविष्कार इंसानो सहीत,
मुझे लुभाता है जिंदगी जिने के लिये|
तेरा दुःख नही देखा मैने कभी,ना ही किया है दर्द मेहसुस,
पर इस सच से जरूर वाकिफ हुं के मेरा हर नीवाला,
तूने उगाई फसल की देन है, इस रिष्ते से, ए किसान,
मै तेरा कर्जदार हुं|
मुझसे जन्मी मेरी नन्ही परी,तू मेरा हिस्सा है तन का,
किस्सा है मन का और सहारा है जिवन का,
बेशक बात तो सच है पर ये प्यार तेरी जिंदगी की बेडी नही|
जलकर राख होने से तो अच्छा है,
पानी से आग को बुझा दो,
दोस्त ज्यादा और जिंदगी दूगनी हो जाएगी|

बुधवार, १७ जून, २०२०

वक्त वक्त की बात है ,
वरना तेरा चेहरा भी अफसाना बना देता....
ये जहां तो जरुरत को गौर करता है...
कैफियत बस उसे नही मानती...
चाहत तो हमने भी कभी की थी, बस बात जुबा पर लाने की गुस्ताखी नही की...
शिषे सी तेरी सुरत मुझे भाती है..देखु खुद को तेरी नजर मे
तो मुझमे मै समाई सी लगती हुं...
चाहे जीतनी भी कोशिश करलो, नही मिटा पाओगे|
यह देश स्वयं मे एक ' कवच ' है,
जिसे धारण करनेवाला हर इंसान इस  'मिट्टी ' का रक्षक है|